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Stay HOME – Save LIFE


STAY HOME – SAVE LIFE
  • वैज्ञानिकों की तरफ से कहा गया है कि यह आमतौर पर पशुओं में पाया जाने वाला वायरस है लेकिन अब यह मनुष्य से मनुष्य में भी संचारित हो रहा है। इसलिए देश के बाहर जानेवाले और देश में रहनेवाले लोगों को भी सी-फूड फिलहाल ना खाने की सलाह दी जा रही है। खासतौर पर उन लोगों को जो समुद्री तटों से जुड़े एरियाज में रहते हैं।
  • भारत सरकार ने अपने देशवासियों को इस वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए काफी पहले ही सभी इंटरनैशनल फ्लाइट्स बंद कर दी हैं और अपने देश में लॉकडाउन कर दिया है। ताकि इस वायरस के साइकल को तोड़ा जा सके और इसके आउटब्रेक को रोका जा सके।
  • जितना संभव हो सके देश में भी किसी यात्रा करने के दौरान मीट खाने से बचें और कच्चा या अधपका मीट तो बिल्कुल भी ना खाएं।
  • यात्रा के दौरान बीमार लोगों से संपर्क ना बढ़ाएं। अगर किसी को जुकाम, खासी, फीवर, नाक बहना जैसी दिक्कतें हैं तो ऐसे यात्रियों से दूरी बनाकर रखें।
  • जो लोग कोल्ड और फीवर जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं, सतर्कता बरतते हुए वे यात्रा करने से बचें। अगर यात्रा करनी ही पड़े मास्क पहनें और खाने-पीने से संबंधी सावधानियां जरूर बरतें।
  • जो लोग खासतौर पर चीन की यात्रा पर जा रहे हैं उनके लिए किसी भी चीज को छूने या यूज करने के बाद साबुन से हाथ धोना जरूरी है। साथ ही सहयात्रियों के साथ खाना-पीना शेयर करने से बचें। खांसते या छींकते हुए मुंह पर रुमाल रखें। हैंड सेनिटाइजर का उपयोग करते रहें।
  • जो लोग दूसरे देशों की और खासतौर पर चीन की यात्रा से वापस लौट रहे हैं, उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर करॉना वायरस की जांच की व्यवस्था की गई है। अगर आप दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नै, बेंग्लुरु, कोच्ची, हैदराबाद एयरपोर्ट पर चीन की यात्रा करके लौट रहे हैं तो करॉना वायरस की जांच के लिए आपकी स्वास्थ्य संबंधी चांज की जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान स्टाफ का पूरा सहयोग करें।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, इस पर यकीन करने का कोई कारण नहीं है कि ठंड का मौसम नए कोरोना वायरस या अन्य बीमारियों को मार सकता है. कोरोना से खुद को बचाने के लिए सबसे बेहतर तरीका अल्कोहल युक्त सैनीटाइजर या साबुन और पानी से हाथ को साफ करते रहना है.
  • इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कोरोना वायरस मच्छर काटने से हो सकता है. यह श्वसन संबंधी वायरस है, जो मुख्यरूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने से फैसला है. इस संक्रमण से बचने के लिए हमेशा हाथ धोएं और खांसी व छींकने वाले किसी भी शख्स के साथ निकट संपर्क से बचें. इसके अलावा लार के जरिए भी यह वायरस फैलता है.
  • WHO के मुताबिक, नहीं नए कोरोना वायरस को मारने में हैंड ड्रायर्स कारगर नहीं है. इससे बचाव के लिए हमेशा अपने हाथों को अल्कोहल युक्त हैंडवॉश से साफ करें या साबुन पानी से हाथ धोते रहें, इससे बचने का सबसे कारगर तरीका यही है. हाथ धोने के बाद टिश्यू पेपर या हैंड ड्रायर्स से हाथ साफ कर सकते हैं.
  • थर्मल स्कैनर तभी कोरोना से संक्रमित लोगों की पहचान कर सकता है, जब व्यक्ति को इस संक्रमण के कारण बुखार या उसके शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा हो. हालांकि, थर्मल स्कैनर कोरोना से संक्रमित उन लोगों की पहचान नहीं कर सकता, जिन्हें बुखार ना हो.
  • पूरे शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन का छिड़काव करने से पहले से मौजूद वायरस को नहीं मारा जा सकता है, जो आपके शरीर में पहले ही प्रवेश कर चुके हैं.
  • निमोनिया से बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन कोरोना वायरस से बचाव नहीं करती. ये वायरस बिल्कुल नया और अलग तरीके का है. इससे निपटने के लिए शोधकर्ता वैक्सीन विकसित करने में जुटे हैं.
  • प्रोफ़ेसर क्रायस जॉनसन बताती हैं, “मरीजों की पहचान, जांच और उन्हें एकांत में रखने की दिशा में दक्षिण कोरिया और चीन ने शानदार काम किया है.” उनके मुताबिक जांच से संक्रमित शख्स को एकांतवास में भेजने में मदद मिलती है, साथ ही महामारी के प्रसार पर भी अंकुश लगता है. इतना ही नहीं इससे नए मामलों की जल्दी पहचान होने में भी मदद मिलती है.
    क्रायस जानसन के मुताबिक चीनी अधिकारियों ने नए मामलों की पहचान के लिए अत्यधिक सक्रियता दिखाई और इसके चलते ही संक्रमण के मामलों में वहां कमी देखने को मिली है.
    क्रायस जॉनसन ने बताया, “उच्च ज्वर से पीड़ित लोगों को फ़ीवर क्लीनिक भेजा गया और उनके फ्लू और कोविड-19 की जांच की गई. अगर टेस्ट में कोविड-19 पॉज़िटिव पाया गया तो उन्हें एकांतवास में रखा गया, इसे क्वारेंटाइन होटल्स कहा जाता था, ताकि वे अपने परिवार वालों के संपर्क में नहीं आ सकें.”